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Showing posts from December, 2025

सबक़ों का साल

साल आसान नहीं था, मगर सबक बहुत गहरा दे गया। टूटकर भी कैसे खड़े रहना है, ये साल हमें सिखा गया।

यादों का एक साल

अभी कई साल लगेंगे, उस एक साल को भुलाने में। अलविदा 2025।

हक़ और मोहब्बत

जिस्म  पर हक़ मिल जाता है रीति-रिवाज़ों से, पर रूह जिसकी दीवानी हो, उसको मोहब्बत कहते हैं। ❤️

कदर की कीमत

जिसको मिला, उसकी क़दर ना थी, और कोई पाने को तरस गया। 💔

मोहब्बत की आख़िरी रस्म

मोहब्बत में आख़िरी रस्म होती है भीख माँगना, मैंने वो रस्म भी निभायी थी। 💔

तरसती ख्वाहिशें, चलती ज़िंदगी

अपनी पसंद की चीज़ों के लिए तरसना ही तो ज़िंदगी है

अनकहे एहसास

“कुछ एहसास दिल में ही रह जाते हैं, कभी जुबां तक नहीं आते। ✨”

खाली रह जाने वाली जगह

“तुम जाओगे और छोड़ जाओगे एक खाली जगह, जो समय भी भर नहीं सकता। 🌙”

पीछे छूटता हुआ सब कुछ

सब कहते हैं आगे बढ़ो, पर कोई नहीं पूछता— पीछे क्या छूट गया। 💔”

Usse Zyada Koi Pyara Nahi

Aaj bhi dekhta hoon tasveer uski, aaj bhi usse zyada pyara koi nahi lagta.

Chehre Mein Basa Jahaan

Log duniya mein hazaar chehre dekhte hain, magar maine ek hi chehre mein poori duniya dekhi hai.

एक ही तरफ़

जो हर तरफ़ नहीं देखते… वो एक तरफ़ बड़ी शिद्दत से देखते हैं।

नज़र और एहसास

हर देखने वाली नज़र घूरती नहीं, कुछ नज़रें तो सिर्फ महसूस करती हैं।

ख़ामोश चाहत

बंदिशों से घिरा हुआ है मेरा इश्क़, तुझे चाहना भी है और सबसे छिपाना भी है… 🤍

प्रेम और प्रतीक्षा

कितना सुंदर लिखा है किसी ने.. ❤️ एक दिन इजाज़त मिली सबको अपना प्रिय चुनने की सूरज ने रौशनी ली चाँद, तारों के साथ हो लिया नदियाँ, सागर से जा मिलीं हवा, खुशबू के पीछे भाग गयी बरखा ने बादल को गले लगाया और प्रेम… प्रेम ने थाम ली प्रतीक्षा की कलाई!

Prem Ki Nazar

“सुंदर होने से प्रेम नहीं होता.. जिससे प्रेम होता है वही सुंदर लगने लगता है।” 🤍

Dil Aur Naseeb

“जैसा दिल बनाया है, काश वैसा नसीब भी बना देते मालिक..!” ❤️

Pasand Jo Ishq Ban Gayi

“तुम पसंद आए थे, ये इत्तेफ़ाक़ था तुम ही पसंद रह गए, ये इश्क़ है।”

Adhoora Apnapan

Jo apne ho nahi sakte, unse hi dil haar jaata hai, thoda sa milna bhi zindagi bhar ka pyaar bana jaata hai.

“ख़यालों की मुलाक़ात”

हक़ीक़त ने इतना थका दिया हमें, कि अब तुम्हें सिर्फ़ ख़यालों में ही चाहते हैं।

मोह, दर्द और आदत का सच

दर्द की तीव्रता मोह की गहराई से पैदा होती है। वक़्त के साथ सब सहना आदत बन जाता है, और फिर “ठीक” होने का मतलब ही बदल जाता है। जो कुछ सह गया इंसान, सोचो… वो अंदर से कितना रोया होगा।

हिंदी की एहसास

आजकल ज़्यादातर कोट्स हिंदी में ज़्यादा अच्छे लगने लगे हैं। पता है क्यों? क्योंकि जो एहसास हिंदी में दिल तक उतरता है, वो अंग्रेज़ी में कहाँ महसूस होता है। शायद इसी वजह से कई अंग्रेज़ी कोट्स को लोग हिंदी  लिखने लगे है.. ताकि शब्द नहीं, जज़्बात समझ में आएँ।

खाली हाथ जाने का डर

लोग सब कुछ बटोरने में लगे है “खाली हाथ जाने के लिए!”

गिरते फूलों का गणित

माँ ने खाना ज्यादा बनाया, खाया कम पिता ने परिश्रम ज्यादा किया, जिया कम किसान ने अन्न ज्यादा उगाया, पाया कम क्या मैंने जाना प्रेम करना ज्यादा पाने की उम्मीद करना कम।

मुस्कान के पीछे

मत खोलो राज मेरे तुम पढ़ नहीं पाओगे। मत देखो ज़ख़्म मेरा तुम भर नहीं पाओगे। हर मुस्कुराता चेहरा खुश नहीं होता। तुम इस चेहरे को कभी समझ नहीं पाओगे।

Harsh Truths About Value and Time

At 18, she has choices. At 18, you have nothing. At 25, she looks for love. At 25, you’re chasing goals. At 30, she slows down. At 30, you’re just getting started. Reality A woman’s life starts at 18. A man’s life starts at 30. A woman is born with value. A man is born with no value. She has to protect her value. You have to build your value. I didn’t make the rules, Nature did.

खामोश ज़ख्म

जख्म ठीक हो जाने से, हादसे नहीं भुलाये जाते..

जिसे भुलाया नहीं जा सका

जब कोई इंसान किसी से प्यार करता है, तो वह हमेशा उसकी खुशी के बारे में सोचता है। अगर वह किसी और से शादी कर चुका हो, तो भी उसके दिल में यही चाह रहती है कि जिससे उसने कभी प्यार किया था, उसकी शादी भी जल्दी किसी अच्छे इंसान से हो जाए। यही तो प्यार होता है हमेशा उसके लिए अच्छा सोचना। वह दिल से चाहता है कि उसे ज़िंदगी की सारी खुशियाँ मिलें, एक खुशहाल और सुकून भरी ज़िंदगी मिले। कभी कभी वह यह भी समझता है कि उसके लिए खुद को उससे दूर कर लेना ही सही है, ताकि वह अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ सके और अपने भविष्य पर अच्छे से ध्यान दे सके। लेकिन सच यह भी था कि उसे भुला पाना उसके लिए लगभग नामुमकिन था। आज भी वह चाहता था कि किसी दिन वह उससे मिले। हर रोज़ भगवान से यही दुआ करता था, लेकिन कहीं न कहीं उसे अब कोई उम्मीद दिखाई नहीं देती थी। इन सब बातों को सोचना और लिखना उसके लिए बहुत तकलीफ भरा था। लेकिन अगर उसके दिल में कभी सच में कुछ रहा हो उसके लिए, तो वह हमेशा उसका ही भला चाहेगा चाहे उसके व्यवहार को वह इंसान गलत ही क्यों न समझे। उसके मन में यह अफ़सोस हमेशा रहेगा कि उसे सही समय पर समझा नहीं गया। लेकिन अब वह मान चु...